ज़हरखुरानी गोदी मीडिया से सावधान!!!

बांद्रा, मुम्बई में हज़ारों प्रवासी मज़दूरों के व्यवस्थागत फूटे गुस्से को सांप्रदायिक रंग देने की साज़िश को नाकाम करो !!
बांद्रा, मुम्बई में हज़ारों प्रवासी मज़दूर सड़क पर उतर आए। जिन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज भी किया गया। देश भर की मेहनतकश आबादी बिना किसी प्लानिंग के किये गए लॉक डाउन से परेशान थी।सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये से मज़दूरों के आजीविका के सारे प्रबंध कराए बिना यह फैसला ले लिया गया था। ऐसे में आज मज़दूरों का गुस्सा व्यवस्थागत दिक्कतों से फूटा है। पर गोदी मीडिया इसे भी साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है।ज़मीनी स्तर पर एक बड़ी आबादी है, जिनके घर का राशन पूरी तरह खत्म हो चुका है। पूरी आबादी मुफलिसी में ज़िन्दगी जीने को मजबूर है। ऐसे में सरकार और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ जनता का गुस्सा फूटना स्वाभविक है।
ऐसे में तथ्यतः प्रवासी मज़दूर अपने घर जाने के लिए बांद्रा स्टेशन इक्कठा हुए थे। मुम्बई के बांद्रा स्टेशन के 60 मीटर की दूरी पर ही मस्ज़िद पहले से है।ऐसे में यह बात कोड़ी बकवास है की मस्ज़िद के पास इक्कठा हुए, जो गोदी मीडिया बताने की कोशिश कर रहा है।यह भी समझना होगा कि बांद्रा, मुम्बई में भी दो दुनिया बसती है। बांद्रा ईस्ट और बांद्रा वेस्ट के रूप में , जहां एक तरफ गैटी गैलेक्सी सिनेमा हॉल, मॉल और अमीरज़ादों की बस्तियां है। वही दूसरी तरफ की तस्वीर आम मज़दूर-मेहनतकश वर्ग की बस्तियां है ।जो मेहनत के दम पर दो जून की रोटी खाते है। इस मुश्किल के हालात में वह अपने घर लौटने का सोच रही थी । पर जब यह अफवाह उड़ी की आज ट्रैन चल रही है, तो वह बांद्रा स्टेशन वापस अपने घर जाने के लिए पहुंची थी। ऐसे में इस पूरे मुद्दे को साम्प्रदयिक बनाने के तहत किया जा रहा है। इन सब के बीच भाजपा और शिवसेना में छींटाकसी का खेल भी जारी है। ऐसे में गोदी मीडिया के साम्प्रदायिक ज़हर फैलाने के काम का पूर्ण निषेध करना चाहिए और उनपर सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।

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