नौजवान भारत सभा द्वारा संचालित शहीद राजगुरू शिक्षा सहायता केन्द्र के बच्चों को भायखला प्राणी संग्रहालय ले जाया गया।

नौजवान भारत सभा द्वारा संचालित शहीद राजगुरू शिक्षा सहायता केन्द्र के बच्चों को पिछले रविवार मुम्बई में स्थित भायखला प्राणी संग्रहालय ले जाया गया। जहां पर बच्चों ने हाथी, चीता, शेर, हिरण और दरियाई घोड़ा देखा।साथ साथ पक्षियों की अलग प्रजातियां भी अपने अलग अलग रूप और रंगों की वजह से बच्चों के लिए आकर्षक का केन्द्र बनी रही। पानी के कछुओं के साथ सूखी, मिट्टी पर रहने वाले कछुओं, कबूतर, तोता, कोयल, तितलियां, सारस, पेंग्विन और जिनको सिर्फ किताबों के पन्नों में पढ़ा और देखा था। आज अपनी आंखों से देख कर अचंभित और आश्चर्य महसूस कर रहे थे। स्कूलों की पूरी शिक्षा को आज समाज और प्रकृति से पूरी काट कर रख दिया गया है। जिसका नतीजा यह है कि शिक्षा व्यवस्था में बच्चे पाठयक्रम के बोझ के तले दबते चले जाते है और बच्चे सिर्फ किताबी रट्टू तोते जैसा ज्ञान ही पाते हैं। जबकि उनको इस तरह के प्राणी संग्रहालयों में, प्रकृति के साथ और किताबों की दुनिया से बाहर भी घूमने और चीजों को जानने समझने का आयोजन किया जाना चाहिए। जिससे सिद्धांत और व्यवहार की एकता स्थापित की जा सके। सभी खूब घूमे और मजे किए, फिर दोपहर को सभी ने एकसाथ मिलकर खाना खाया। एक दूसरे के टिफिन शेयर किया। जिसके बाद बैडमिंटन, फुटबॉल, विष-अमृत, जैसे खेल खेले गए। सभी ने कहा की हमें मिलकर इस तरह घूमने की योजना बनाते रहना चाहिए।

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