मुम्बई के एक संस्थान में बच्चों के बीच ‘भगत सिंह और हमारा समय’ विषय पर चर्चा आयोजित की गई। चर्चा में साथी संजीव ने नौजवान भारत सभा के कामों और भगत सिंह के जीवन व संघर्षों के बारे में बताते हुए कहा कि कैसे अंग्रेजों की साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ़ संघर्ष करते हुए भगत सिंह और उनके साथियों ने हिन्दुस्तान सामाजवादी प्रजातंत्र संघ (HSRA) और नौजवान भारत सभा जैसे क्रान्तिकारी संगठन का गठन किया।
अविनाश ने सामाजिक, राजनीतिक परिस्थितियों पर बात रखते हुए कहा कि जब महँगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता जैसे मुद्दे अभी भी मौजूद है, तब हमें अपने क्रांतिकारियों के सपनों के भारत को साकार करने के लिए और शिद्दत से काम करने की ज़रूरत है। भगत सिंह द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने की ज़रूरत है। भगत सिंह को पढ़ना चाहिए और उनसे सीखना चाहिए। आशय ने भगत सिंह का विद्यार्थियों के नाम लिखा संदेश पढ़ा तो वहीं साथी रवि ने कविता पाठ किया।
सत्र के दौरान मेरा रंग दे बसंती चोला, आ रे नौजवान, जैसे क्रान्तिकारी गीतों की प्रस्तुति भी की गई। छात्रों ने सत्र में दिलचस्पी से भाग लिया और बातचीत भी की।
