शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस (23 मार्च) के अवसर पर मुम्बई के साठे नगर में नौजवान भारत सभा द्वारा ‘शहीद स्मृति संकल्प अभियान’ चलाया गया।
21 मार्च की शाम, मानखुर्द के साठे नगर में पुस्तक प्रदर्शनी और पोस्टर प्रदर्शनी आयोजित की गयी, जहाँ बड़ी संख्या में लोग, विशेष रूप से युवा, उत्साहपूर्वक शामिल हुए और क्रान्तिकारियों के जीवन, संघर्ष और विचारधारा पर आधारित पुस्तकों को पढ़ने की रुचि दिखाई। साथ ही, कई लोगों ने अपने सम्पर्क भी साझा किए और भविष्य में ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से जुड़ने की इच्छा जताई। इसी प्रकार मानखुर्द-गोवंडी की मेहनतकश बस्तियों और अन्य इलाकों में किताबों की प्रदर्शनी, फिल्म स्क्रीनिंग और प्रचार अभियानों के ज़रिए क्रान्तिकारियों की विरासत को आम लोगों और युवाओं तक पहुँचाने का काम किया जा रहा है। वर्तमान पूँजीवादी व्यवस्था ने आम लोगों और युवाओं के जीवन को गम्भीर समस्याओं से घेर लिया है। महँगाई, बेरोज़गारी, अशिक्षा और भ्रष्टाचार जैसी चुनौतियाँ दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, जिससे लोग बेहद कठिन परिस्थितियों में जीने को मज़बूर हैं। शिक्षा और चिकित्सा जैसे बुनियादी ज़रूरतों को एक महँगी वस्तु बना दिया गया है, जिसे आम आदमी के लिए हासिल करना कठिन होता जा रहा है। इस स्थिति में, सरकार क्या कर रही है? यह सोचने वाली बात है। साथियों, जिस तेज गति से आम मेहनतकश जनता की जिन्दगियाँ बर्बादी की तरफ़ बढ़ती जा रही हैं उतनी ही तेजी से मौजूदा मोदी सरकार जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने के लिए अपने नियंत्रण में मौजूद मीडिया, मंत्रियों और स्थानीय असामाजिक तत्वों के माध्यम से साम्प्रदायिकता फैलाने का काम कर रही है। इसलिए आज का समय हमसे यह माँग करता है कि हम अपने क्रान्तिकारी पूर्वजों के संघर्ष और बलिदान को समझें, उनके विचारों को हर गली, बस्ती, कारखाने और आम लोगों तक पहुँचाएँ। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम उनके अधूरे सपनों को पूरा करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ और न्याय व समानता पर आधारित समाज की रचना में अपना योगदान दें। इसी उद्देश्य के साथ नौजवान भारत सभा अपने शहीद क्रान्तिकारियों के सपनों को अपनी स्मृतियों में रखकर उनपर अमल करने का काम कर रहा है। यह संगठन देशभर के युवाओं को एकजुट कर, अन्यायपूर्ण पूँजीवादी व्यवस्था को हटाकर एक समतामूलक समाज की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है। ‘शहीद स्मृति संकल्प अभियान’ केवल अतीत की याद नहीं, बल्कि क्रान्तिकारियों की विचारधारा को जीवन्त रखने और आगे बढ़ाने का एक संकल्प है। #bhagatsingh #sukhdev #rajguru
