नौजवान भारत सभा, मुम्बई की तरफ से पृथ्वी पर जीवन के विकास की यात्रा और मानव के उद्भव पर चर्चा की गई।

अविनाश ने बात रखते हुए कहा कि 4 .7 अरब साल पहले पृथ्वी की उत्पत्ति हुई और करीब 3 अरब साल पहले पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत हुई। जिसमें जीवन के उद्भव के बाद cenozoic काल जो आज से 6.6 करोड़ साल पहले था, स्तनधारी जीवों की संख्या में इजाफा हुआ था और कहा जाए तो आज की पृथ्वी का चित्र भी कुछ इस समय ही निर्मित हुआ था। प्राइमेट्स (primates) से आज के मानव (homo sapiens) की यात्रा पर बात चीत करते हुए बाइपेडलिज्म (bipedalism), हाथों का मुक्त होना, रीढ़ की हड्डी का सीधा होना और मस्तिष्क के विकास पर भी बात रखी गई। जिसमें मानव ने निरंतर व्यवहार के जरिए अपने हाथों और इन्द्रियों को विकसित किया। एंगेल्स ने अपने लेख ‘वानर से नर बनने में श्रम की भूमिका ‘ में द्वंद्वात्मक विश्लेषण करते हुए इस पर बात रखी है।
आगे चर्चा में सफीना ने पानी और जमीन पर जीवन के विकास पर सवाल पूछे व शाहीन ने पेट के बल रेंगने वाले जीवों (reptiles) और स्तनधारी जीवों पर सवाल पूछे। चर्चा में बबन, शारोन, राहुल, शाहीन, सफ़ीना, मेहरूनीषा, सबा व अन्य शामिल हुए।
