लॉक डाउन को 2 महीने से ज्यादा का वक़्त बीतने जा रहा है। मज़दूरों को लॉक डाउन में राशन ,दवा , इलाज़ और ऐसी कई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर सरकार आँख-कान मूंद रखा है। मोदी सरकार द्वारा अनियोजित तरीके से लागू किये गए लॉक डाउन ने मज़दूर वर्ग पर सीधे सीधे हमला किया है । जहां सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर टेस्टिंग , कोरंटिन ट्रीटमेंट की जरूरत थी । वहां मुम्बई के सघन झोपड़ पट्टियों में बिना राशन दवा इलाज के ऐसे ही मरने के लिए छोड़ दिया गया है। जिसके चलते कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।इलाकों में मरने वालो की संख्या बढ़ रही है और एक बड़ी आबादी है जिसके मौत का सही कारण नही पता है।
नौजवान भारत सभा के सदस्यों द्वारा 20 दिनों से टाटा नगर (मुम्बई) में जन सहयोग के दम पर सामूहिक रसोई एवं 59 दिनों से फ़ूड पैकेट्स का वितरण जारी है। जिसे रफीक़ नगर , टाटा नगर , लल्लूभाई में बांटा जा रहा है।
