20 अगस्त 2023, रविवार के दिन शहीद भगतसिंह पुस्तकालय, मानखुर्द में गौहर रजा की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘इंकलाब’ की स्क्रीनिंग की गई। यह फिल्म ‘शहीद-ए-आज़म भगतसिंह’ के विचारधारात्मक यात्रा को अच्छे तरीके से पेश करती है।
स्क्रीनिंग के बाद चर्चा सत्र का आयोजन किया गया।जिसमें भगतसिंह और अन्य क्रान्तिकारियों के जीवन के बारे में बात की गई। गोकुल ने कहा कि फिल्म देखने के बाद भगतसिंह और आज़ादी के आंदोलन के बारे में कुछ नयी बातें पता चली। धनंजय ने कहा कि, भगतसिंह कोई एक दिन में बने व्यक्ति नही थे, बल्कि उनके वैचारिक विकास की एक पूरी प्रक्रिया थी और इस फिल्म में उसके कई अंश प्रस्तुत किए गए है।
शशांक ने कहा कि आज़ादी के बाद से ही भगतसिंह के क्रान्तिकारी विचार जनता तक बिल्कुल न पहुंचें, इसका काम सभी सरकारों ने किया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भगतसिंह सिर्फ अंग्रेजी हुकूमत पर ही नही, बल्कि पुरी सामाजिक व्यवस्था पर सवाल करते थे। आगे कहा कि आज देश में एक तरफ़ रोजगार नही है, सरकार लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य,आवास की बुनियादी सुविधा तक मुहैया नही करा रही है और वही दूसरी तरफ़ अप्रत्यक्ष करों (indirect taxation) के ज़रिए जनता के पैसों को पूंजीपतियों को देने का काम कर रही है। ऐसे में लोगों को उनकी सही मांगों पर संगठित करने की ज़रुरत बढ़ जाती है।
आगे ‘नौजवान भारत सभा’ का परिचय दिया गया व क्रांतिकारियों के विचारों को एक नए सिरे से जनता के बीच ले जाने की बात पर जोर दिया गया।
चर्चा में गोकुल, राहुल, हर्ष, प्रांजल, रक्षंधा, शाहीन, संजू, रेशमा, शशांक, हैदर, धनंजय और आशय शामिल थे।
नौजवान भारत सभा से जुड़ने के लिए
संपर्क – +919930095381
