साप्ताहिक अध्ययन चक्र

नौजवान भारत सभा द्वारा हर हफ्ते साप्ताहिक अध्ययन चक्र/चर्चा सत्र चलाया जाता है। पिछले हफ्ते 9 अक्टूबर 2022 को अध्ययन चक्र का आयोजन किया गया, जिसमें भगत सिंह द्वारा लिखित लेख *”विधार्थी और राजनीति” को पढ़ा गया। हमारे विश्वविद्यालयों में *राजनीतिक डिस्कोर्स* के महत्व पर विस्तार से बात की गई। ऐसा क्यों है कि सरकार चाहे ब्रिटिश सरकार हो या वर्तमान फासीवादी सरकार, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को “अराजनीतिक” बनाना चाहती है, इस पर चर्चा की गई। सत्र का समापन हमारे समाज के प्रासंगिक मुद्दों को उठाने के लिए हमारे विश्वविद्यालयों / कॉलेजों / स्कूलों में जो भी लोकतांत्रिक स्थान बचा है, उसका उपयोग करने की अपील पर संपन्न हुआ। जो नाटकों, गीतों, वाद-विवादों, पोस्टर प्रस्तुतियों आदि के माध्यम से किया जा सकता है ।

इस हफ्ते 16 अक्टूबर 2022 को शहीद भगत सिंह पुस्तकालय, मानखुर्द मुम्बई में *”फ़ासीवादी साम्प्रदायिक उन्माद और आत्महत्या करते बेरोज़गार छात्र-युवा”* विषय पर चर्चा सत्र का आयोजन किया गया।

चर्चा को तीन भागों में विभाजित किया गया।

1) बेरोजगारी की वर्तमान स्थिति पर आंकड़े और युवाओं के जीवन पर इसका प्रभाव। जिसके तहत आज कैसे बेरोजगारी का संकट पूरे देश में छाया हुआ है और जिसके चलते युवा दिशाहीन होकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं। चर्चा में यह भी बात की गई की पूंजीवादी व्यवस्था में बेरोजगारों की फौज तैयार होती है जिससे कारखानों और फैक्ट्रियों में मजदूरों का मोलभाव किया जा सके।
जब तक पूंजीवादी व्यवस्था रहेगी तब तक बेरोजगारों की फौज बरकरार रहेगी, बेरोजगारों की फौज ना रहे इसके लिए हमें पूंजीवादी व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने की जरूरत है।

2) भारत में पूंजीवादी विकास का संक्षिप्त विवरण दिया गया। कैसे और क्यों पूंजीपति वर्ग ने अपने समर्थन को कांग्रेस से हटाकर एक काडर आधारित संगठित आरएसएस और उसकी राजनीतिक शाखा भाजपा में स्थानांतरित किया है। फासीवाद क्या है? और यह कैसे झूठे दुश्मन (मुसलमान, यहूदी, प्रवासी श्रमिक) बनाकर वास्तविक मुद्दों (बेरोजगारी, महंगाई, कुपोषण, अशिक्षा भुखमरी आदि) से ध्यान भटकाता है, भारत में फासीवादी भाजपा और संघ परिवार द्वारा नकली दुश्मन खड़े करने का इंतजाम किया जा रहा है।

3) कैसे वर्तमान फासीवादी सरकार की जनविरोधी नीतियां बेरोजगारी का संकट पैदा कर रही हैं। संघ परिवार जनता को बांटने और उनका ध्यान भटकाने के लिए कौन-से तरीके अपना रहा है, ताकि वे पूंजीपति वर्ग की सेवा के लिए अपनी नवउदारवादी नीतियों पर आगे बढ़ सकें। आगे चर्चा की गई की फासीवाद के खिलाफ लड़ाई में छात्रों और युवाओं का क्या काम है।

चर्चासत्र में अविनाश, अभिरूप, आशय, राहुल, संजू, शशांक, संकेत, तनीशा, प्रज्ञा, इमरान, ललिता, शाहीन, बबन, आसिफ और तेजस ने भाग लिया।

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