शिक्षा सहायता केंद्र में पाई (π) के इतिहास पर रखा गया सत्र!

इस बात को आज लगभग सभी लोग स्वीकारते हैं कि गणित एक मुश्किल विषय है। ग्यारवी पहुंचते ही पहले मौके पर बच्चे गणित को ‘ड्रॉप’ कर कोई उससे आसान विषय ले लेते हैं। ज्यादातर बच्चे लगभग छठवीं या सातवीं कक्षा से ही गणित से नफरत करने लगते है। और नफरत क्यों ना करे? स्कूल कॉलेजों में शिक्षक गणित के सूत्रों को ऐसे पढ़ाते हैं जैसे वे कोई पवित्र ग्रंथ के श्लोक हों। गणितीय तकनीकों को समझाने की जगह उन्हें रटाया जाता है। उनकी उत्पत्ति और विकास पर सवाल नहीं उठाया जाता है, किसी कठिन अवधारणा को स्वीकार करने में संघर्ष के किसी भी संकेत को कमजोरी का संकेत घोषित किया जाता है। इस प्रकार छात्रों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि गणित में रहस्यमयी सूत्रों और दिमाग को सुन्न कर देने वाली गणनाओं के अलावा और कुछ भी नहीं है।
जिन स्कूलों, कॉलेजों में थोड़ी बहुत अच्छी पढ़ाई होती भी है, वहाँ तक लाखों रुपए खर्च कर हमारे बच्चों का पहुंचना असंभव ही होता है। ना जाने कितने आबेल, गॅलवा और गाउस (गणितज्ञ) हर साल इस देश की अमानवीय शिक्षा व्यवस्था द्वारा मारे जाते हैं और हमें पता भी नहीं चलता।
जों आनंद या सुंदरता का अनुभव कोई अच्छी फिल्म या पेंटिंग या कविता पढ़ने से हमें मिलती है, वही अनुभव विज्ञान या गणित के किसी मुश्किल सिद्धांत को समझने से भी मिल सकता है! और इन्हीं सुंदर, गहन परंतु तार्किक सिद्धांतों के ज़रिए हम दुनिया को और गहराई से समझ सकते है।
गणित और विज्ञान की सुंदरता और महत्व को बेहतर समझने के लिए उसके इतिहास को समझना ज़रूरी है। इसी प्रयास में गुरुवार 22 जून को शिक्षा सहयात्रा केंद्र द्वारा “पाई के इतिहास” पर एक सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र में पहिये के आविष्कार, मिस्र और बेबीलोन में ज्यामिति के विकास और किसी वृत्त के व्यास और परिधि के बीच के संबंध की खोज की कहानी बताई गई और अनेक गतिविधियों के ज़रिए इन्हें समझा गया।
शिक्षा सहायता केंद्र का यह प्रयास 9वीं से 12वीं के स्टेट बोर्ड के पाठ्यक्रम के गणित, विज्ञान को एक रैडिकल अंदाज में, अर्थात उसके इतिहास से जोड़कर पढ़ाने का प्रयास का एक हिस्सा है। वे सभी लोग जो भारत की जर्जर शिक्षा व्यवस्था की मार को झेलने के बावजूद आज भी गणित और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा रखते हों, हम उन सभी से अपील करते है कि नौजवान भारत सभा मुंबई के शिक्षा सहायता केंद्र से जुडें और विज्ञान और गणित की सुंदरता को फिर से खोजने और लोगों तक ले जाने की इस सुदूर अद्भुत यात्रा में हमारे साथ चलें।

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