‘सावित्री फ़ातिमा स्मृति संकल्प अभियान’ के तहत नौजवान भारत सभा, मुम्बई द्वारा ज्योतिराव- सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष पर ‘भारत एक खोज’ में बनाए गए एक एपिसोड को दिखाया गया व इस पर चर्चा सत्र का भी आयोजन किया गया। ज्योतिराव- सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं व पिछड़ी जातियों के लिए स्कूल खोलने का ऐतिहसिक व क्रान्तिकारी कदम उठाया, जिसकी वजह से उन्हें ब्राह्मणवादी विचारधारा के लोगों से विरोध भी सहना पड़ा। फ़िल्म दिखाने के बाद हए चर्चा के दौरान ज्योतिराव के जीवन वक्तित्व पर बार बात की गयी। ज्योतिराव ने सरकार को सिर्फ़ अर्जियाँ देने तक ही अपनी लड़ाई को सीमित नहीं रखा बल्कि सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ आम जनता को प्रेरित करते हुए, जनता को एकजुट करके आन्दोलन को आगे बढ़ाने का भी काम किया। उन्होंने विधवा महिलाओं के केश वपन के ख़िलाफ़ नाइयों की हड़ताल करवायी व अन्य सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ भी संघर्ष शुरू किया। हालाँकि फ़ातिमा शेख़ का ज़िक्र फिल्म में मौजूद नहीं है, मगर सावित्रीबाई फुले कि सम्पूर्ण रचना में उनका ज़िक्र और उनके योगदान के बारे में लिखा गया है। मगर आज इस पूरी विरासत को भी भुलाने की एक साजिश ज़रूर रची जा रही है। ऐसे में ज्योतिराव- सावित्रीबाई फुले और उनकी सहयोगी फातिमा के क्रान्तिकारी कदम को आम जनमानस के बीच ले जाने की ज़रूरत बढ़ी है। जिससे हम उनके द्वारा किए गए संघर्षों से प्रेरणा लेकर मौजूदा समाज में फैली लूट, शोषण, असमानता व अन्याय को दूर कर सकें। जाति-धर्म के नाम पर लोगों को बाँटकर पूँजीपतियों की सेवा करने में लगी फासीवादी मोदी सरकार को जनता के बीच बेनक़ाब कर सकें। आज ऐसे अन्धकारमय समय में नौजवान भारत सभा सावित्री-फ़ातिमा की बेमिशाल यारी को जनता के बीच ले जाने का काम कर रहा है। लोगों को यह सन्देश दे रहा है कि चाहे आप किसी भी धर्म के हों आप अपनी वर्गीय एकजुटता के आधार पर अपने बुनियादी मुद्दों के लिए एकसाथ संघर्ष कर सकते हैं। आइये ज्योतिराव-सावित्री-फ़ातिमा की विरासत को आगे ले जाने में हमारे साथ शामिल हों और इस संघर्ष को आगे बढ़ायें। नौभास की गतिविधियों से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें : 7667230795 #jyotiraophule #savitribaiphule #fatimashiekh
नौजवान भारत सभा द्वारा ज्योतिराव- सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष पर दिखाई गयी फ़िल्म
