नौजवान भारत सभा, मुम्बई द्वारा मासिक इकाई बैठक में अबतक के कामों की समीक्षा की गयी और 23 मार्च को क्रान्तिकारियों के शहादत दिवस पर ‘शहीद स्मृति संकल्प अभियान’ के तहत विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनायी गयी। शाम में क्रान्तिकारियों के जीवन संघर्ष और कुर्बानियों को जानने-समझने के लिए गौहर रज़ा द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री ‘इंकलाब’ दिखायी गयी। डॉक्यूमेंट्री पर चर्चा के दौरान अलग-अलग साथियों ने अपने विचार रखे। शशांक ने डाक्यूमेंट्री के बारे में रखते हुए कहा कि 23 मार्च,1931 को अंग्रेज सरकार द्वारा भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव को फाँसी दे दी गयी थी। मगर फाँसी दिये जाने के इतने सालों बाद भी, हमारे क्रान्तिकारियों के सपनों का भारत अधूरा है। आज ख़ास तौर से फ़ासीवाद का घटाटोप जिस तरह से हमारे सिर पर मंडरा रहा है, उसके ख़िलाफ़ ज़मीनी संघर्ष खड़ा करने की ज़रुरत है। पिछले 10 सालों में, जब से फ़ासीवादी मोदी सरकार सत्ता में आ कर बैठी है। तब से हालत यह है कि नौजवानों को रोज़गार नहीं है, छात्रों को बेहतर शिक्षा नहीं है, और मज़दूरों व मेहनतकशों को काम नहीं है। ऐसे में, इन तमाम मुद्दों पर बात न हो, इसलिए मोदी सरकार जनता में साम्प्रदायिक ज़हर घोलने का काम कर रही है, ताकि जनता एकजुट न हो पाए और मोदी सरकार बेरोकटोक पूँजीपतियों की सेवा करती रहे। संजीव ने कहा कि मुनाफ़े पर टिकी इस व्यवस्था को उखाड़ फेंकने और एक बेहतर समतामूलक समाज बनाने के लिए नौजवानों को एकजुट होना पड़ेगा और, अपने क्रान्तिकारियों के सपनों के भारत को साकार करने के लिए संघर्ष में उतरना होगा। नौजवान भारत सभा इसी संघर्ष को आगे बढ़ाने की दिशा में कई सालों से काम कर रहा है। हम आपसे आह्वान करते हैं कि आप भी हमसे जुड़ें और इस कारवां के हमसफ़र बनें। डाक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग के बाद नए साथियों को नौजवान भारत सभा की सदस्यता दी गयी। #bhagatsingh #sukhdev #rajguru #inquilab #zindabad
♦️16 मार्च को रविवार के दिन नौजवान भारत सभा,मुम्बई की मासिक इकाई बैठक सम्पन्न हुई, और शाम में ‘इंकलाब’ डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग की गयी।♦️
